सेवा डायरी
आपकी सेवा की यात्रा।
हर सहयोग अपनी मंज़िल तक पहुँचता है। पितृ पक्ष के वार्षिक भंडारे में परोसी गई थालियों तक। किसी बच्चे की पढ़ाई, किसी महिला की आजीविका, किसी बुज़ुर्ग की देखभाल तक। यह डायरी उसी यात्रा की कहानी है।
2009 से
विशेष कहानीप्रार्थना से प्रसाद तक
प्रार्थना से प्रसाद तक, हर अर्पण सेवा बन जाता है। अनंत धाम में पितृ पक्ष भंडारा हर दिन सेवा, सिमरन और सत्संग के साथ जारी है।
डायरी से
नई प्रविष्टियाँ पहलेपितृ पक्ष भंडारा, आठवाँ दिन
अनंत धाम में पितृ पक्ष भंडारे का आठवाँ दिन। शिवलिंग पर पूजन, पवित्र अग्नि में आहुति, और सबके लिए प्रसाद।
पितृ पक्ष भंडारा, पाँचवाँ दिन
अनंत धाम में पितृ पक्ष भंडारे का पाँचवाँ दिन। गुरुजी की कृपा से सेवा हर दिन जारी है, सबको स्मरण और सेवा में एक साथ लाते हुए।
पितृ पक्ष भंडारा, चौथा दिन
अनंत धाम में पितृ पक्ष भंडारे का चौथा दिन। गुरुजी की कृपा से सेवा हर दिन जारी है, सबको स्मरण और सेवा में एक साथ लाते हुए।
पितृ पक्ष भंडारा, तीसरा दिन
अनंत धाम में पितृ पक्ष भंडारे का तीसरा दिन। गुरुजी की कृपा से सेवा हर दिन जारी है, सबको स्मरण और सेवा में एक साथ लाते हुए।
पितृ पक्ष भंडारा, पहला दिन
गुरुजी की कृपा से आज अनंत धाम में पितृ पक्ष भंडारे का पहला दिन आरंभ हुआ।
यहाँ की हर प्रविष्टि किसी की सेवा का साकार रूप है।
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